नमस्ते स्टूडेंट इस पोस्ट में आपका स्वागत है। इस आर्टिकल में बिहार बोर्ड कक्षा 9th के हिन्दी विषय के सितंबर 2024 के मंथली एग्जाम पेपर में पूछा गया महत्वपूर्ण प्रश्न “‘लीलावती खवासटोली और बबुआन टोली को तबाह होने से किस प्रकार बचा लेती है”(Lilavati khawas toli aur Bhagwan toli Ko tabah hone se kis prakar bacha leti hai) का उत्तर दिया गया है। यहां पर इस सवाल के चार उतर दिए गए हैं। और चारों उत्तर बिल्कुल सही है। आप इन चारों उत्तरों में से किसी भी उत्तर को अपने एग्जाम में लिख सकते हैं।
लीलावती खवासटोली और बबुआन टोली को तबाह होने से किस प्रकार बचा लेती है । Lilavati khawas toli aur Bhagwan toli Ko tabah hone se kis prakar bacha leti hai
Q: लीलावती खवासटोली और बबुआन टोली को तबाह होने से किस प्रकार बचा लेती है । Lilavati khawas toli aur Bhagwan toli Ko tabah hone se kis prakar bacha leti hai
Answer –
खवासटोली और बबुआन टोली के बीच संघर्ष का कारण बुच्चीदाय की ज़मीन थी, जिस पर दोनों पक्षों ने दावा किया था। लीलावती ने अपने चतुर फैसले से यह ज़मीन सहेली माय के नाम करवा दी, जिससे दोनों पक्षों का झगड़ा खत्म हो गया। इस तरह लीलावती ने दोनों टोलियों के आपसी झगड़े को खत्म करके शांति स्थापित कर दी।
उतर 2
खवासटोली और बबुआन टोली के बीच तनाव बुच्चीदाय की ज़मीन के विवाद से उत्पन्न हुआ था। लीलावती ने समझदारी दिखाते हुए इस ज़मीन को सहेली माय के नाम पर करवाकर विवाद को शांत कर दिया। इस सूझबूझ से दोनों टोलियां विनाश से बच गईं और फिर से शांति स्थापित हो सकी।
उतर 3
लीलावती ने खवासटोली और बबुआन टोली के झगड़े को खत्म करने के लिए एक संतुलित तरीका अपनाया। उसने विवादित ज़मीन को सहेली माय के नाम पर रजिस्ट्री करवाकर दोनों पक्षों के बीच चल रहे संघर्ष को समाप्त कर दिया। इस समझदारी से दोनों टोलियों को विनाश से बचाया जा सका।
उतर 4
दोनों टोलियों के बीच झगड़े का कारण बुच्चीदाय की ज़मीन थी, जिस पर दोनों ने दावा किया था। लीलावती ने इस ज़मीन को सहेली माय के नाम पर करवा दिया, जिससे दोनों पक्षों का विवाद समाप्त हो गया। इस प्रकार लीलावती ने अपनी समझदारी से टोलियों को तबाही से बचा लिया।