नमस्ते स्टूडेंट इस पोस्ट में आपका स्वागत है। इस आर्टिकल में बिहार बोर्ड कक्षा 9th के हिन्दी विषय के सितंबर 2024 के मंथली एग्जाम पेपर में पूछा गया महत्वपूर्ण प्रश्न “लेखक जगदीश नारायण चौबे के अनुसार हिन्दी निबंध की दुर्दशा का कारण क्या है”(Lekhak Jagdish Narayan chaube ke anusar Hindi nibandh ki durdasha ka Karan kya hai) का उत्तर दिया गया है। यहां पर इस सवाल के चार उतर दिए गए हैं। और चारों उत्तर बिल्कुल सही है। आप इन चारों उत्तरों में से किसी भी उत्तर को अपने एग्जाम में लिख सकते हैं।
लेखक जगदीश नारायण चौबे के अनुसार हिन्दी निबंध की दुर्दशा का कारण क्या है । Lekhak Jagdish Narayan chaube ke anusar Hindi nibandh ki durdasha ka Karan kya hai
Q: लेखक जगदीश नारायण चौबे के अनुसार हिन्दी निबंध की दुर्दशा का कारण क्या है । Lekhak Jagdish Narayan chaube ke anusar Hindi nibandh ki durdasha ka Karan kya hai
Answer –
लेखक के अनुसार हिन्दी निबंध की बिगड़ी स्थिति का कारण यह है कि छात्र निबंध को अनावश्यक रूप से लंबा करते हैं। एक सरल और संक्षिप्त निबंध को कई पृष्ठों तक खींचा जाता है, जिससे उसका प्रभाव और आकर्षण समाप्त हो जाता है, और वह बोझिल हो जाता है।
उतर 2
लेखक के अनुसार निबंध लेखन की गिरती स्थिति का एक प्रमुख कारण यह है कि छात्र उसमें ज़रूरत से ज्यादा विस्तार कर देते हैं। छोटा और प्रभावी निबंध जब लंबा खींचा जाता है, तो उसका रूप बिगड़ जाता है और वह पढ़ने में रूखा हो जाता है।
उतर 3
लेखक का मानना है कि निबंध की दशा बिगड़ने का मुख्य कारण यह है कि छात्र अपनी लेखनी को अनावश्यक रूप से लंबा खींचते हैं। संक्षिप्त और प्रभावी निबंध को जबरदस्ती बढ़ाने से उसका प्राकृतिक प्रवाह और आकर्षण समाप्त हो जाता है, जिससे वह बोरिंग हो जाता है।
उतर 4
लेखक के अनुसार हिन्दी निबंध की खराब स्थिति का कारण यह है कि विद्यार्थी निबंध को जरूरत से ज्यादा लंबा खींचते हैं। एक पृष्ठ में समाप्त होने वाला निबंध कई पृष्ठों तक फैलाया जाता है। इससे निबंध का प्रारूप बिगड़ जाता है और पढ़ने में वह उबाऊ लगने लगता है।